समय किसी के लिए नहीं रुकता – motivational story on value of time in hindi

motivational story on value of time- कहते हैं की जो समय बीत गया वो कभी वापिस नहीं आता और यही छोटी सी बात हमे हमेशा ये याद दिलाती है की हमे अपने आज के समय का किस प्रकार सदुपयोग करना है ताकि भविष्य में हम कभी भी बीते समय को लेकर परेशान ना हो।

हर किसी को समय के महत्व को समझना जरूरी है। हम इस दुनिया में कब तक है, ये कोई नहीं जानता लेकिन जब तक हैं तब तक उस समय कैसे उपयोग करना है। ये हम लोग अच्छी तरह से जानते हैं लेकिन फिर भी हम अपने limited time का waste करते हैं और अपने जरूरी कामों को हमेशा कल पर टालते रहते हैं।

आज की ये छोटी सी कहानी आपको value of time का बहुत अच्छा lesson देगी। इस मोटिवेशनल कहानी को एक बार जरूर पड़ें।

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A short motivational story on value of time in hindi:

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Motivational story on value of time

ये छोटी सी मोटिवेशनल स्टोरी महाभारत का एक हिस्सा है जिसमे भीम ने अपने बड़े भाई युधिष्ठिर को समय के महत्व को समझाया और वही चीज़ हम लोगों के लिए भी बहुत जरुरी है। इसलिए इस मोटिवेशनल स्टोरी इन हिंदी को अंत तक पूरा पड़ें।

ये कहानी है महाभारत के समय की. महाभारत के युद्ध के बाद, युधिष्ठिर ने राजा के रूप में शासन करना शुरू किया। युधिष्ठिर अपनी दानवीरता और उदारता के लिए प्रसिद्ध था। जो कोई भी दान पाने की इच्छा से युधिष्ठिर के पास आता, वह कभी खाली हाथ नहीं लौटता.

एक बार, देर रात को, एक भिखारी महल के दरवाजे पर आया और दान मांगने लगा। उस समय राजा युधिष्ठिर सो रहे थे। रानी द्रौपदी ने उन्हें जगाया, लेकिन युधिष्ठिरने कहा, “मैं बहुत थक गया हूँ। भिखारी को सुबह तक इंतजार करने के लिए कहें। कल सुबह उठने के बाद मैं उसे उसके वजन के बराबर सोने के सिक्के दूंगा। ”

द्रौपदी ने यह बात भीम को बताई, भीम ने जब ये बात सुनी तो वह तेजी से उस बड़ी घंटी के पास गया जो महल की छत पर थी और वो घंटी सिर्फ तब बजायी जाती थी जब राजा युधिष्ठिर कोई बड़ा युद्ध जीतकर वापस आते थे।

भीम बिना रुके उस घंटी को जोर-जोर से बजाने लगा! घंटी की आवाज़ सुनकर, हर किसी को लगा की राजा युधिष्ठिर किसी महान युद्ध को जीतकर वापिस आये हैं और यह देखने के लिए सभी पांडव और राज्य के लोग वहाँ एकत्रित हो गए। काफी देर तक घंटी बजती रही। अंत में, राजा युधिष्ठिर को भी उठना पड़ा। गुस्से में उन्होंने भीम से पूछा, “तुम इतनी रात को घंटी क्यों बजा रहे हो?”

भीम ने विनम्रतापूर्वक उत्तर दिया, “ऐसा इसलिए है क्योंकि आज आपने बहुत बड़ी जीत हासिल कर ली है।” यह सुनकर राजा युधिष्ठिर चौंक गए और पूछा, “ये तुम क्या कह रहे हो, भला इतनी रात को मैंने कौन-सा युद्ध जीत लिया है?”

भीम ने उत्तर दिया, “बड़े भाई, आज आपने समय को ही जीत लिया है। आपने महारानी से कहा कि भिखारी को दान कल सुबह मिलेगा। अब यह घोषणा तो कोई तभी कर सकता है जब वह समय के साथ जीत हासिल कर ले। क्या आप को यकीन हैं कि कल सुबह तक आप दान देने के लिए जीवित रहेंगे और या फिर ये भिखारी इसे प्राप्त करने के लिए जीवित रहेगा ?”

यह सुनकर, युद्धिष्ठर को भीम की बात का एहसास हुवा और उन्होंने तुरंत उस भिखारी को अंदर बुलाया और उसे दान दे दिया।

Lesson we learn from this motivational story :-

हम सभी के पास limited समय होता है और कोई नहीं जानता की आने वाले कल में क्या होगा। इसलिए जो काम आप आज और अभी कर सकते हैं, उसे कभी आने वाली कल के लिए बचा के ना रखें क्यूंकि कल कभी नहीं आता। हमारी जिंदगी हमारे आज से ही चलती है। अगर जिंदगी को बेहतर तरीके से जीना है तो हमेसा आज में जियें.

कल क्या होगा इस बारे में ज्यादा ना सोचें। क्यूंकि जो खुशियां आपका आज आपको देगा हो सकता वो खुशियां कल आ ही ना पाएं। इसलिए कल की tension न लेकर अपनी life को enjoy करें क्यूंकि ये समय अगर चला गया तो फिर कभी लौट कर वापिस नहीं आएगा।

जो लोग समय की Value नहीं समझते वो अक्सर आज का काम कल पर टाल देते हैं, फिर चाहे वो काम कितना भी जरूरी क्यों ना हो। ऐसे लोग खुद का समय तो बर्बाद करते ही हैं और साथ ही वो दूसरों का समय भी बर्बाद कर देते हैं। कोई भी काम चाहे वो बहुत जरूरी हो या ना हो, लेकिन अगर वो काम अगर आप आज कर सकते हैं तो उसे कभी भी कल पर टालें।

काम को टालने की आदत :-

काम को टालते रहने की आदत कई बार हमारे लिए और साथ दूसरों के लिए भी मुसीबत बन जाती है। समय का सदुपयोग करना हम सभी के लिए बहुत जरूरी है। बर्बाद हुवा समय कभी लौट कर वापिस नहीं आ सकता। जो काम सही समय पर हो सकता है उसे करने में कभी देरी ना करें।

जो लोग अपने समय का सही उपयोग करना जानते वो जिंदगी में कभी भी समय का रोना नहीं रोते, क्यूंकि उनका हर काम उनकी सोच और समय के हिसाब से सही होता है। वरना आपको बहुत से ऐसे लोग भी मिल जाएंगे जो हर वक्त यही कहते रहते हैं की ‘मेरे पास तो टाइम ही नहीं है’। टाइम सबके के पास बराबर होता है।

हर किसी को दिन के 24 घंटे ही मिले हैं, बस ये हम पर depend करता है की इन 24 घंटो को हमे किस तरह से बिताना है। अपने समय का ध्यान रखने और जितना हो सके समय रहते ही सारे कामों को पूरा कर लें ताकि आपके पास जिंदगी को जीने का भी वक्त रहे।

I hope की ये प्रेरणादायक कहानी on time आपको पसंद आयी हो, अगर आप इस page पर नए हैं तो इसे Follow/Subscribe जरूर करें. इस हिंदी मोटिवेशनल कहानी को share जरूर करें।

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