अपना अपना भाग्य – Short Motivational Story on Luck

Short Motivational Story on Luck- ये बात तो हम सभी जानते हैं की इस जिंदगी में हमे हमारे भाग्य (luck) से ज्यादा कभी कुछ नहीं मिलता है, लेकिन कई बार हम ये बात समझ नहीं पाते और कुछ चीज़ों के लिए जरूरत से ज्यादा ही कोशिश करने लगते हैं और जब वो चीज़ हमें नहीं मिलती तो हम निराश हो जाते हैं। हम से ज्यादातर लोग तो ऐसे हैं जो हर वक्त अपने भाग्य की तुलना किसी ऐसे व्यक्ति से करने लगते हैं, जिनके पास हर चीज़ उनसे ज्यादा होती है।

आज की ये Motivational story on luck भी कुछ इसी तरह की हैं। इस short motivational story in hindi से आपको भाग्य के बारे में कुछ अच्छा सीखने को मिलेगा। इस मोटिवेशनल कहानी को जरूर पड़ें और अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें। 

किसी ने क्या खूब लिखा है, 

“बहुत ही मजबूत रिश्ता है मेरे और भगवान के बीच, ज्यादा मैं माँगता नहीं और कम वो देता नहीं।”

–Motivational shayari

हेलो दोस्तों, मैं हूँ हिमांशु बिष्ट, और आज की एक शार्ट मोटिवेशनल स्टोरी…

एक बार एक व्यक्ति बिना बताए अपने काम पर नहीं गया। तो उसके मालिक ने सोचा इसकी Salary बढ़ा दी जाये तो ये बिना बताये छुट्टी नहीं करेगा और लगन से काम करेगा, और फिर उसे बिना बताये ही उसकी Salary बड़ा दी गयी। 

अगली बार जब उसे Salary ज्यादा मिली, तो वह कुछ नही बोला और उसने चुपचाप वो पैसे रख लिये। कुछ महीनों बाद उसने फिर बिना बताये छुट्टी मार ली। मालिक को बहुत गुस्सा आया, वो सोचने लगा इसकी Salary बढ़ाने का क्या फायदा हुआ. ये सुधरने वालों में से नहीं है और फिर से उसकी Salary कम कर दी और फिर जब वो काम पर वापिस आया तो उसे वही Salary दी जो उसे पहले मिलती थी।

वो व्यक्ति इस बार भी चुपचाप ही रहा और कुछ ना बोला। मालिक को बड़ा आश्चर्य हुआ। उसने पूछा कि जब मैंने तुम्हारे Absent के बाद तुम्हारी Salary बढा कर दी, ‘तुम कुछ नही बोले और आज मैंने तुम्हारे फिर से छुट्टी लेने पर Salary कम कर के दी फिर भी तुम शान्त ही हो, इसकी क्या वजह है ?’ तो उस व्यक्ति ने जवाब दिया, जब मैंने पहले छुट्टी करी थी तो मेरे घर एक बच्चा पैदा हुआ था।

आपने मेरी सैलरी बढ़ा कर दी तो मैं समझ गया की उपरवाले ने उस बच्चे की बेहतर परवरिश का हिस्सा भेज दिया है। और जब मैंने दूसरी बार छुट्टी ली तो मेरी माता का निधन हो गया था। उसके बाद आप ने मेरी Salary कम कर दी तो मैने ये मान लिया की मेरी माँ अपने हिस्से का अपने साथ लेकर चली गयी। अब मै उस पैसे के लिये क्यों चिंता करूँ जिसका हिसाब खुद भगवान ने कर रखा है।

जिंदगी की सीख जो हमे इस prernadayak kahani से मिलती है:-

ये छोटी सी मोटिवेशनल कहानी हमे सिखाती है की हमारे भाग्य में जितना होता है अक्सर हमे उतना ही मिलता है और जितनी हमारी जरूरत होती है भगवान हमे देता भी उतना ही है. इसलिए कभी भी किसी चीज़ की कमी होने पर, चाहे वो पैसा हो या खुशियां, उसके लिए अपनी किस्मत या भगवान को मत कोसे..क्यूंकि जो आपके लिए सही है वही आपको मिला है.

और इसी तरह अगर जिंदगी में कुछ भी चीज़ जरूरत से ज्यादा मिल जाए, उस वक़्त खुद को हर किसी से या फिर भगवान से भी बढ़कर ना माने. क्यूंकि अक्सर जरूरत से ज्यादा मिला पैसा और खुशियां इंसांन में घमंड ले आता है। हमे हमेशा खुद पर, भगवान पर और अपनी किस्मत पर भरोसा रखना चाहिए। और कभी ये नहीं सोचना चाहिए की जो दूसरों के पास है वो हमे नहीं मिल सकता।

दोस्तों किस्मत कैसी भी हो अच्छी या बुरी वो एक ना एक दिन बदलती जरूर है। कभी भी अपने मन में लालच ना रखें। लालची इंसान जीवन में कितना ही क्यों ना पा ले लेकिन वो कभी संतुष्ट नहीं होता। मन में लालच रखने से कहीं ज्यादा बेहतर है की मेहनत की जाए और मेहनत से ही किस्मत को बदला जा सकता है।

वैसे तो हम में से कई लोग इसी बात पर विश्वास करते हैं की भाग्य में जो लिखा है वही मिलेगा। चाहे कोई कितनी भी मेहनत क्यों ना करले, अगर ऊपर वाले ने उसके भाग्य में कुछ अच्छा नहीं लिखा होगा तो उसे मिलेगा नहीं। बहुत से लोग इसी तरह की मानसिकता के कारण मेहनत नहीं करते और उन्हें लगता है भाग्य में जो लिखा है वही होगा.

लेकिन ये बात नहीं सोचते की क्या पता उनके भाग्य में ही लिखा हो की ‘जब मेहनत करेगा तभी कुछ मिलेगा’। याद रखने मेहनत, किस्मत और मन की संतुष्टि यह तीनो चीज़ों में से किसी एक का होना भी हमारे लिए बांकी की बची दोनों चीज़ों को पाने का जरिया बन सकता है।

आई होप आपको ये प्रेरणादायक कहानी छोटी सी पसंद आयी हो और साथ ही इस कहानी से आपको कुछ अच्छा सीखने को मिला है। ऐसी की hindi motivational stories के लिए इस blog से जुड़ें रहें। इस स्टोरी को शेयर करना ना भूलें।

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