New Short Hindi Motivational Story On Positive Thinking

motivational story on positive thinking- हमारी सोच या तो positive होती है या negative. पॉजिटिव थिंकिंग यानि की किसी भी situation से कुछ ऐसा ढूंढ निकालना जो हमारे काम का हो सकता है और नेगेटिव सोच यानि की किसी भी परिस्थिति के बारे में बुरे से बुरा सोचते जाना। हम जैसा सोचते हैं अकसर वैसे ही बन जाते हैं। पॉजिटिव सोच वाला व्यक्ति हमेशा अच्छी और आगे बढ़ने वाली बातें करता है और दूसरों के बारे में भी पॉजिटिव ही सोचता है।

वही दूसरी तरफ negative सोच वाला व्यक्ति दुनिया के बारे में उल्टा सीधा ही सोचता है और खुद को भी वैसा ही बना लेता है। Negative सोच वाले व्यक्ति के आस पास का माहौल भी हमेशा negative रहता है और वो दूसरों को भी अपने जैसा ही समझने लगता है। आज की इस positive thinking story in hindi के जरिये हम आपको positive और negative thinking से होने वाले effect के बारे में बताएंगे।

इस motivational story on positive thinking आपको सिखाएगी की किस तरह हमारी सोच हमारे आस पास के लोगों और माहौल पर असर डालती है। इस स्टोरी ऑफ़ पॉजिटिव थिंकिंग इन हिंदी के जरिये आप ये बात जानेंगे के तरह हम अपनी positive सोच के जरिये अपने आस पास के माहौल को भी positive बना सकते हैं।

किसी ने क्या खूब लिखा है, “जीत किसके लिए, हार किसके लिए; ज़िन्दगी भर ये तकरार किसके लिए, जो आया है वो एक दिन जाएगा, फिर ये एहंकार किसके लिए।”

**जैसी सोच वैसी दुनिया – Short Hindi Motivational Story On Positive Thinking**

story on positive thinking, motivational story on positive thinking, sakaratmak soch par kahani, sakaratmak soch motivational story
Story on positive thinking

एक धर्म गुरु अपने कुछ शिष्यों के साथ किसी गाँव में प्रवचन देने जा रहे थे। सफर बहुत लम्बा था तो वो लोग थोड़ा आराम करने के लिए रास्ते में ही रुक गए। जिस रास्ते में वो लोग आराम कर रहे थे, कुछ देर बाद उसी रास्ते से एक व्यक्ति गुजरा और उसने गुरूजी से पूछा, “आप मुझे यहाँ के रहने वाले लगते हैं। मैं किसी और गांव से आया हूँ। मुझे यह जानना है की पास में जो गांव है वहां के लोग कैसे हैं…?”

उस व्यक्ति की बात सुनकर गुरूजी ने उससे पूछा..”पहले तुम ये बताओ की जिस गांव में तुम पहले रहते थे। वहां के लोग कैसे थे…?”
वह व्यक्ति बोला “उस गांव के लोग बहुत बुरे और मतलबी थे इसलिए मैं वो गांव छोड़ कर आ गया।”
गुरु जी बोले..”जिस गाँव में तुम अब जा रहे वो वहां भी तुम्हें ऐसे ही लोग मिलेंगे।”
वो व्यक्ति थोड़ा उदास हुआ और वहां से चला गया।

थोड़ी देर बाद फिर एक व्यक्ति उसी जगह से गुजरा और उसने भी गुरु जी से यही सवाल किया..”की मैं किसी और गांव से आया हूँ और जानना चाहता हूँ की उस पास वाले गांव में रहने वाले लोग कैसे हैं..?”
उस गुरु ने उससे भी यही पूछा की तुम जिस गांव से आये हो वहाँ के लोग कैसे थे…?

उस व्यक्ति ने बताया की…”मैं जिस गांव से आया हूँ वहां के लोग बहुत अच्छे और सबकी मदद करने वाले लोगों में से हैं। मैं बस काम की तलाश में दूसरे गांव जा रहा हूँ।”
और इस बार भी गुरु जी का Answer वही था की…”तुम्हे इस गांव में भी ऐसे ही लोग मिलेंगे।”
वो व्यक्ति मुस्कुराया और ख़ुशी-ख़ुशी वहां से चला गया।

एक शिष्य ये सब देख रहा था तो उसने गुरूजी से पूछा की अपने दोनों से एक ही तरह का सवाल किया और दोनों को एक की तरह का Answer दिया…ऐसा क्यूँ..?
तो गुरूजी बोलो…”ये संसार वैसा ही है जैसे हम खुद हैं, इसलिए जो जैसा होता है उसे अक्सर उसी तरह के लोग हर जगह मिल जाते हैं।”

सीख जो हमे इस motivational story से मिलती है-

ये छोटी सी कहानी हमे ये बात सिखाती है की इस दुनिया में हम कहीं भी चले जाएँ हमे अक्सर उसी तरह के लोग मिलते हैं जैसे हम खुद होते हैं. अगर हम खुद अच्छे होंगे तो अक्सर हमारी मुलाकात अच्छे लोगों से होगी और यदि हम बुरे हैं तो हमे हर जगह बुरे लोग ही मिलेंगे. जैसी हमारी सोच होती है उसी तरह का हमारा माहौल होता है।

और अक्सर हम लोग हमेशा negative सोचते रहते हैं और फिर हमारे साथ negative चीज़ें ही होती हैं। जब तक हम अपनी सोच को positive नहीं कर लेंगे तब हमे सिर्फ negative results ही मिलते रहेंगे। जब हमारी thinking positive होगी तभी हम खुद के बारे में अच्छा सोच पाएंगे। और हमारी यही हमे results और अच्छे लोगों से भी मिलाएगी।

हम अक्सर ये सोचते हैं की हर नयी जगह में हमे अच्छे और मदद करने वाले लोग मिलें, लेकिन हम ये भूल जाते हैं की सही मायनो क्या हम भी ऐसे ही हैं। हम खुद तो negative सोचते रहते हैं और उम्मीद ये करते हैं की हमारे साथ सब कुछ positive हो। अगर आप चाहते हैं की आपके साथ सब कुछ सही और अच्छा हो तो सबसे पहले अपनी सोच को positive बनाएं।

खुद को अच्छा बनाएं, अच्छी सोच रखें, लोगों की मदद करें। ये सोच के कभी किसी की मदद ना करें की बदले में वो भी आपकी मदद करेगा बल्कि बस ये सोचे की ये आप की अच्छाई है और एक ना एक दिन ये आपके काम ही आएगी। तभी तो कहा गया की आप भले तो जग भला और आप बुरे तो फिर सब बुरा।

आई होप आपको इस motivational story on positive thinking से प्रेरणादायक सीख मिली हो। इस मोटिवेशनल कहानी को लेकर आपका कोई भी विचार हो तो comment section में जरूर बताएं। ऐसी ही और भी हिंदी कहानियां पढ़ने के लिए इस ब्लॉग से जुड़े रहें।

2 thoughts on “New Short Hindi Motivational Story On Positive Thinking”

Leave a Comment