New Hindi Short Stories With Moral Lesson | Hindi Kahaniyan

आज की इस पोस्ट में हम आपके दो नयी short hindi stories with moral लेकर आये हैं। ये दो moral kahaniyan बेहद ही मजेदार और इनसे मिलने वाली नैतिक सीख बहुत काम की है। इन दोनों हिंदी कहानियों को पूरा जरूर पड़ें। इन moral stories को पढ़कर आपको बहुत मज़ा आएगा और साथ बहुत ही अच्छी नैतिक सीख भी मिलेगी। इन हिंदी नैतिक कहानियों को शेयर जरूर करें।

No. 1- सबसे बुरा कौन- Short Moral Story in Hindi

short moral stories in hindi, best hindi moral stories, hindi stories with moral lesson

एक बार एक राजा को उसके मंत्री ने बताया की उनके राज्य में एक ऐसा व्यक्ति भी रहता है जिसका सुबह सुबह कोई भी इंसान मुँह देख ले तो उसे दिन भर खाना ही नहीं मिल पाता है। इस बात की सच्चाई को जानने की इच्छा राजा के मन में उठी। और अगले ही दिन राजा ने उस व्यक्ति को अपने राज महल में बुला लिया।

और कमरे के सामने वाले कमरे में ही उसे सुला दिया। अब जैसे ही अगली सुबह हुई, राजा उठकर सीधा उस व्यक्ति का चेहरा देखने उसके कमरे में घुस गया। वो व्यक्ति उठ चुका था। राजा ने उसका चेहरा देख लिया और अपने कमरे में चला गया।

अब जैसे ही राजा फिर से सोने की कोशिश करने लगा तो तभी उसका मंत्री दौड़ा दौड़ा राजा के पास आया और बोला, ‘महाराज पास के राज्य के कुछ दुश्मन हमारे राज्य की सीमा में घुस आये हैं।’ राजा तुरंत उठा और उसने सेना को तैयार करने का आदेश दिया और खुद भी तैयार होकर सेना के साथ जंगल की तरफ चला गया।

जंगल में घूमते घूमते सुबह से शाम हो गयी लेकिन उन दुश्मनो का कोई पता नहीं चला। राजा शाम को भूखा प्यासा महल में आया। राजा गुस्से से भरा पड़ा था क्यूंकि उस व्यक्ति का चेहरा देखने के बाद ही ये सब हुवा था। राजा ने उस व्यक्ति को तुरंत फांसी की सजा देने की घोषणा कर दी।

दूसरे दिन फांसी लगने से पहले राजा उस व्यक्ति से बोला की तुम सच में मनहूस हो, सुबह सुबह तुम्हारा चेहरा कोई देख लो तो वो सच में सारा दिन भूखा प्यासा ही रह जाता है। बताओ मरने से पहले तुम्हारी कोई आखिरी इच्छा है।

आखिरी इच्छा मांगने से पहले वो व्यक्ति बोला- महाराज, मेरा चेहरा देखने की वजह से आपको सिर्फ भूखा रहना पड़ा लेकिन आपका चेहरा देखने की वजह से तो मुझे मौत मिलने वाली है। फिर हम दोनों में से ज्यादा मनहूस कौन हुवा। इतना सुनते ही उस राजा का मुँह शर्म से लाल हो गया। और तभी उसे संत की एक बात याद आयी, ‘बुरा जो देखने में गया, बुरा मिला ना कोई; जब अपने दिल में झाँक कर देखा, तो मुझसे बुरा ना और कोई।’

कहानी की सीख। Moral of The Story-

दूसरों में बुराई देखने से पहले, हमे खुद के अंदर भी एक बार झाँक लेना चाहिए। दूसरों में बुराई ढूंढने वाले अक्सर ये भूल जाते हैं की वो खुद कैसे हैं।

No. 2- जैसा दिखता है वैसा होता नहीं – hindi story with moral

short moral stories in hindi, best hindi moral stories, hindi stories with moral lesson

ये कहानी है एक राजा की। जो की अपने राज्य का सबसे बेहतरीन तीरंदाज (Archer) था। एक बार वो राजा किसी काम से दूसरे राज्य की तरफ जा रहा था। जैसे ही राजा उस राज्य में पंहुचा तो वो यह देखकर हैरान हो गया कि उस राज्य के बाहर हर पेड़ पर एक तीर लगा हुआ है। सभी पेड़ों पर किसी तीरंदाज ने गोल टारगेट बनाये थे और निशाना गोले के बिलकुल बीच में लगा हुआ है।

यह बिल्कुल ऐसा था जैसे किसी ने हर बार मछली की आंख में ही तीर मार दिया हो। हर पेड़ का हाल ऐसा ही था। एक भी निशाना चूका हुआ नहीं था। उस राजा को विश्वास ही नहीं हो रहा था कि इस छोटे से गांव में इतने कमाल का कोई निशानेबाज रहता है।

उसने अपना घोड़ा रोका और उस तीरंदाज को ढूंढने लगा। तभी उसे वहां एक आदमी दिखा, राजा ने उसे रोका और उस तीरंदाज के बारे में पूछने लगा। राजा की उत्सुकता को देखकर वो आदमी हंसने लगा। उसने राजा से कहा, ‘वह एक मूर्ख व्यक्ति है। उसकी तरफ ध्यान देने की आपको कोई ख़ास आवश्यकता नहीं है। आप जिस काम से आये से हैं। पहले उसे पूरा कर लीजिये।

राजा ने कहा, ‘तुम नहीं समझोगे। वो मूर्ख हो सकता है, पर मुझे इस बात से फर्क नहीं पड़ता। वह बहुत अच्छा निशानेबाज है। मुझसे भी ज्यादा बेहतर है। मैं उससे मिलना चाहता हूं।’

राजा को देखकर भीड़ जमा हो गई। सब हंसने लगे, ‘उससे मिलकर क्या हासिल होगा। वह पागल है।’
राजा को यह विश्वास नहीं हो रहा था कि आखिर एक पागल, मूर्ख इतना अच्छा निशाना कैसे लगा सकता है? इतना सटीक, इतना अचूक। राजा ने कहा, ‘हंसना बंद करो और उस आदमी को बुलाओ।’

उन लोगों ने उस लड़के को बुलाया और राजा को उससे मिला दिया। उस लड़के को देखते ही, ‘राजा ने उससे पूछा, ‘तुम हर बार एक दम सटीक निशाना कैसे लगा लेते हो..? तुम्हारा राज क्या है?’
तो वो लड़का बोला, ‘कौन सा राज ?’ राजा ने उसे हर पेड़ में गोले के बिल्कुल बीच में लगे हुवे तीर की ओर ईशारा करके दिखाया।

वो लड़का जोर जोर से हंसने लगा। और बोला, ‘मैं आपको झूठ नहीं बोलूंगा। सच यह है कि मैं पहले तीर चलाता हूं और वो तीर जहां भी लगता है, मैं उसके चारों ओर गोला बना देता हूं। इस तरह मेरा कोई निशाना चूकता नहीं है।

इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि तीर कहां जाता है, मैं अपना घेरा वहीं बना देता हूं। जो भी इस गांव से गुजरता है, वो इस कुशलता को देखकर हैरान हो जाता है। मैं कभी किसी को सच नहीं बताता, पर आप राजा हैं और मैं आपको झूठ नहीं बोल सकता।’

कहानी की सीख। Moral of this story-

जो जैसा दीखता है वो सच में वैसा होता नहीं। कुछ लोग पहले निशाना लगा देते हैं और फिर उसे अपना लक्ष्य बना लेते हैं। और जो लोग उनकी बात नहीं जानते, उन्हें उनका काम, उनका तरीका बिल्कुल सही नजर आता है।

इसलिए दूसरों की सफलता को देखकर खुद को कभी कम ना समझें। क्यूंकि असली सच्चाई क्या है ये कभी कोई नहीं बताता। लोग दूसरों को अपने बारे में सिर्फ उतना ही बताते हैं जितना वो चाहते हैं की उन्हें पता चला।

दोस्तों आपके ये two hindi short stories with moral कैसे लगी comment section में जरूर बताएं। ऐसी ही और भी हिंदी नैतिक कहानियां पढ़ने के लिए इस पेज से जुड़ें रहे। कहानियां पसदं आयी तो इन्हें शेयर जरूर करें।

Leave a Comment