Two Best Short Motivational Stories for Youths in Hindi

दोस्तों, हमारी लाइफ में बहुत सी चीज़ें ऐसी होती हैं जिनके बारे में हम कभी किसी को बता नहीं पाते और उन बातों को हमेशा अपने अंदर ही रखते हैं। आज का युवा वर्ग यानि की हमारी नयी generation, जो कहने को तो social media के जरिये सारी दुनिया से जुड़े रहते हैं लेकिन अपने अंदर की बातों को कभी किसी के सामने बोल नहीं पाते। बाहरी जिंदगी में तो वो खुद को काफी ब्रेव दिखाते हैं लेकिन अपने अंदर की समस्याओं से खुद को कभी बाहर नहीं निकाल पाते।

आज का युवा वर्ग जितना technology के करीब होता जा रहा है, उतना ही वो खुद से दूर भी हो रहा है। आज के युवा वर्ग कई सारी समस्याएं है और उन सब को कहानियों के जरिये समझा पाना बहुत मुश्किल है। लेकिन आज में दो ऐसी प्रेरणादायक कहानियां युवाओं के लिए (motivational stories for youths) लेकर आया हूँ जो युवाओं (youth) को लाइफ में हमेशा मोटीवेट रखेंगी। ये two best short stories हर युवा वर्ग के लिए बहुत उपयोगी हैं।

जिन्हें पड़कर युवाओं को उनकी जिंदगी में चल रही परेशानियों का हल मिलेगा और साथ ही अपनी जिंदगी को एक अलग नज़रिये से देखने की प्रेरणा भी मिलेगी। इन short hindi inspirational stories के जरिये युवाओं के जिंदगी के कुछ important lesson भी मिलेंगे। इन दो prernadayk kahaniyna yuvaon ke liye , को अच्छी तरह समझ कर और मन लगा कर पढ़ें।

1- अशांत मन – short hindi motivational stories for youths

किसी ने क्या खूब लिखा है, ” अपनी कमियों पर भी नज़र रखिये, हर बार गलती दूसरों की नहीं होती।”

एक बार एक मोंक (Monk) अकेले meditation करना चाहते थे। पर परेशानी ये थी की जिस जगह वो रह रहे थे वहां और भी मोंक थे जिनकी वजह से उन्हें एक शांत माहौल नहीं मिल पा रहा था। वो उस शोरगुल से बचने के लिए और ध्यान लगाने के लिए नदी की ओर चले गए। जब वो नदी के किनारे पर पहुंचे तो वहां भी बहुत से लोग थे, उन्हें जो माहौल चाहिए तो वो वहां भी नहीं मिल पाया। तो वो एक नाव पर सवार हुए और नदी के किनारे से बहुत दूर आ गए।कुछ दूर जाने के बाद उन्हें शांत माहौल मिल गया।

उन्होंने वहां नाव रोक ली और ध्यान करने लगे। सब कुछ सही चल रहा था। लेकिन तभी उन्हें कुछ हलचल महसूस हुई। उन्हें लगा कि कोई और भी वहां आ गया है और उनकी नाव को हिला रहा है, उस पर बार-बार टक्कर मार रहा है। धीरे धीरे उन्हें गुस्सा आने लगा। उन्होंने अपनी आंखे खोली और देखा की सामने एक खाली नाव खड़ी है।

जो बार बार पानी के बहाव के कारण उनकी नाव को टक्कर मार रही थी। अब उस नाव में कोई होता तो गुस्सा करते, पर अब क्या करें ? तभी उन्हें इस बात का एहसास हुवा कि गुस्सा, डर, बेचैनी, अशांति ये सब उनके अपने अंदर हैं, बाहर की नावें तो खाली हैं। उन्होंने खुद को ठीक किया और वापस ध्यान में बैठे गए।

सीख जो हमे इस short motivation story से मिलती हैं-

ये छोटी सी मोटिवेशनल कहानी हमे सिखाती है की जब हमारे चारों और हमारे मन के विपरीत बदलाव हो रहा हो, तो गुस्सा आना जायज है। हमें चिंता भी होने लगती है। पर, यहाँ समय होता है, जब हमें उस बदलाव के साथ संतुलन बनाने की कोशिश करनी चाहिए।

कई बार जरूरत गुस्सा करने के बजाय खुद को बदलावों से जोड़ने और उस बहाव के साथ बहते रहने की होती है। ऐसा कई बार होता है जब हम उन चीज़ों को control करने की कोशिश करते हैं जो हमारे हाथ में नहीं होती तो हम बेवजह लोगों पर और अपनी परिस्थिति पर गुस्सा करने लगते हैं।

हमे ये लगने लगता है की सारी दुनिया हमारे खिलाफ हो चुकी है। और हम जो कुछ कर रहे हैं दूसरे उसे होने नहीं देना चाहते। आपके साथ जब कभी भी ऐसी situation आये तो ये ना सोचें की आप इन चीज़ों से कैसे दूर भाग सकते हैं बल्कि खुद को उन चीज़ें के अनुसार ढालने की कोशिश करें क्यूंकि कई चीज़ें ऐसी होती हैं जिनसे आप दूर नहीं जा सकते।

अगर आप भीड़ में हैं तो उस भीड़ को आप दूर नहीं कर सकते, आपको उसी के अनुसार खुद को ढालना पड़ता है। इसलिए जिस माहौल से आप दूर नहीं भाग सकते उस माहौल में रहना सीखें। ऐसा करने से आपको ज्यादा सुकून मिलेगा।

2- जिंदगी का सफर- motivational story for adults in hindi

किसी ने क्या खूब कहा है,
“सोचने से कहाँ मिलते हैं तमन्नाओं के शहर…चलना भी जरुरी है मंजिल पाने के लिए..!”

ये कहानी है एक ट्रैवलर की है, जिसे नयी नयी जगह और नए नए गाँवों में घूमने का बहुत शौक था। वो जब भी कहीं जाता तो पूरी तैयारी के साथ जाता। एक बार वो किसी गाँव से गुजर रहा था। सुबह का समय था और मौसम भी थोड़ा ख़राब था। तो उसने एक बैल गाड़ी वाले को अपने साथ ले लिया। थोड़ा दूर जाने के बाद उसने उस बैलगाड़ी वाले से पूछा, “तुम्हें क्या लगता है, आज हमे मौसम कैसा मिलेगा..?” बैलगाड़ी वाला बोला, “जैसा मुझे अच्छा लगता है, आज हमे वैसा ही मौसम मिलेगा।”

फिर उस यात्री ने पूछा, “तुम्हें कैसा पता की जो मौसम होगा, वो तुम्हारी पसंद का ही होगा?”
बैलगाड़ी वाला बोला, “बात ये है भाई, मैं यह जानता हूँ की हमे हर वह चीज़ नहीं मिल सकती, जो हमें पसंद है। मैंने हमेसा उन चीज़ों को पसंद करना सीखा है, जो मुझे मिल जाती हैं। इसलिए मुझे पूरा भरोसा है की हमें वही मौसम मिलेगा जो मुझे पसंद होगा।”

सीख जो हमे इस प्रेरणादायक कहानी से मिलती है-

ये छोटी सी कहानी हमे सिखाती है की लाइफ में क्या होगा ये कोई नहीं जानता, लेकिन फिर भी हम खुद से और दूसरों से बहुत सारी उम्मीद रखते हैं, और अगर चीज़ें उम्मीद के अनुसार होती हैं तो हमे ख़ुशी मिलती है, और जब ऐसा नहीं होता तो हमे दुःख होता है।

इसलिए कभी भी खुद से और दूसरों से ऐसी उम्मीदें ना लगाएं जो आपके control में ना हो और जो कुछ भी इस जिंदगी से आपको मिलता है उसे पसंद करना सीखें। और याद रहे की हमारी जिंदगी एक सफर है, और उस सफर को enjoy करें. ये चिंता कभी ना करें की आगे मौसम कैसा है, बस आप अपने सफर पर चलते रहिये।

आई होप आपको ये two best hindi motivational stories for youths (युवाओं के लिए प्रेरणादायक कहानी) से कुछ ना कुछ प्रेरणा जरूर मिली हो। आपको ये स्टोरी कैसी लगी हमे comment section में जरूर बताएं। ऐसी ही और भी short motivational stories पढ़ने के लिए हमसे जुड़ें रहें। इस कहानी को अपने युवा साथियों के साथ शेयर जरूर करें।

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