चाणक्य की ये 7 बातें हमेशा याद रखना – Chanakya Niti for Motivation in Hindi

आचार्य चाणक्य जिन्हें विष्णु गुप्त और कौटिल्य के नाम से भी जाना जाता है। चाणक्य एक महान राजनीतिज्ञ, लेखक, शिक्षक और अर्थशास्त्री थे। उन्हें राजनीति का महान विद्वान भी माना जाता है। उन्होंने अपनी बुद्धि और चतुराई का उपयोग करके नंदवंश का पूरी तरह से सफाया कर दिया और मौर्यकालीन समाज की नींव रखी।

अपने जीवन काल में चाणक्य ने कई सारी किताबें लिखी और उन किताबों में उन्होंने जीवन में सफल होने के, चतुर बनने के और महान बनने के लिए कई ऐसी बातें लिखी हैं जो आज भी हमारे जीवन को बदल सकती हैं।

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आज इस Chanakya niti for motivation in hindi के जरिए हम आपके साथ चाणक्य नीति की ऐसी 7 बातें शेयर करने जा रहे हैं जो आपके बहुत काम आएंगी। चाणक्य नीति के ये बातें आपके जीवन को सरल और आपको दूसरों से अलग बनने की प्रेरणा देंगी। Acharya Chanakya की इन 7 प्रेरणादायक बातों को एक बार पूरा जरूर पड़ें।

1- आर्थिक तंगी के बारे में किसी को मत बताओ। – Chanakya Niti for Motivation

आचार्य चाणक्य का कहना है की किसी भी व्यक्ति को जीवन के किसी भी मोड़ में पैसों की कमी होने पर अपनी आर्थिक तंगी के बारे में हर किसी को नहीं बताना चाहिए।

चाणक्य नीति के अनुसार जीवन में कभी ऐसे हालात बन जाते हैं जब हम आर्थिक रूप से बहुत कमजोर हो जाते हैं और हमारे पास पैसों की कमी हो जाती है. अगर हम अपनी इस परेशानी के बारे में सभी को बताते हैं तो लोग हमारा मजाक बनाना शुरू कर देते हैं और आर्थिक रूप से मदद करने से भी पीछे हट जाते हैं.

पैसों से जुड़ी परेशानियों को कभी किसी को ना बताएं और खासकर उस समय जब आपको आर्थिक रूप से लोगों की जरूरत हो. जब दूसरों के ये बात पता होगी की हमारी खुद की आर्थिक स्तिथि खराब है तो वो पैसों से जुड़ी कोई भी मदद नहीं करेंगे।

2- घर की बातें बाहरवालों को मत बताओ।

चाणक्य नीति के अनुसार हमें अपने घर की बातें घर तक ही रखनी चाहिए। जो स्त्री या पुरुष अपने घर की बातों को बाहर के लोगों को बताते हैं उन्हें जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

जब हम दूसरों को अपने घर की बातें बताते हैं तो वो लोग उन बातों का इस्तेमाल हमारे ही खिलाफ करते हैं और उन बातों का बखान हर किसी से करते हैं, जिससे समाज में हमारा नाम खराब होता है और हमारी पारिवारिक परिस्थियों के बारे में सब को पता चल जाता है।

चाहे आपके परिवार में सब कुछ अच्छा चल रहा हो या फिर बुरा चल रहा हो बाहरवालों को उतना ही बताएं जिससे आपका कोई नुकसान ना हो। साथ ही चाणक्य ये भी कहते हैं कि पति पत्नी को भी अपने बीच की बातों को सीमित रखना चाहिए क्योंकि ये बातें दोनों के सम्मान और अपमान से जुड़ी होती हैं.

बहुत से पति पत्नी ऐसे होते हैं जो अपनी पर्सनल बातों को दोस्तों के साथ शेयर कर देते हैं और फिर ऐसा करते करते उनकी बातें हर किसी को पता चल जाती हैं, जिससे उनका रिश्ता बिगड़ता है और घर में क्लेश हो जाता है। पति पत्नी को अपनी अच्छी बुरी बातों को किसी को नही बताना चाहिए।

3- आपत्तिकाल के लिए धन को बचा कर रखना चाहिए।

Chanakya Niti के अनुसार हमें अपने धन की रक्षा करनी चाहिए और विपरीत परिस्थितियों के लिए धन को बचा कर रखना चाहिए।

जब हमारे पास धन होता है तो हम उसे फालतू की चीजों में बर्बाद करने लग जाते हैं और ये सोचते हैं की बाद में और कमा लेंगे। लेकिन कई बार परिस्थितियां हमारे अनुकूल नहीं चलती, हमारे पास धन की कमी हो जाती है और फिर हमें लोगों के सामने हाथ फैलाने पड़ते हैं। ऐसी स्थिति से बचने के लिए हमें हमेशा कुछ धन बचा कर रखना चाहिए। अपनी कमाई में से हमेशा कुछ बचत करनी चाहिए ताकि बुरे वक्त में लोगों के सामने हाथ फैलाने की जरूरत ना पड़े।

4- अपने अपमान के बारे में हर किसी को मत बताओ।

जीवन में कभी ना कभी ऐसा होता है जब कोई हमें डांठ देता है या फिर हमारी ही किसी गलती की वजह से हमारी बेइज्जती कर देता है, जैसे ऑफिस में बॉस, स्कूल में टीचर और घर में परिवार वाले।

आचार्य चाणक्य ने कहा है की अपमानित होने पर हमें किसी व्यक्ति से इसकी चर्चा नहीं करनी चाहिए. अपने अपमान को हमेशा गुप्त रखना चाहिए. अपने अपमान के बारे में जब हम दूसरों को बताते हैं तो इससे हमारा मजाक बनता है और लोगों की नजरों में हमें नीचा भी दिखना पड़ जाता है। इसलिए कभी भी अपने अपमान के बारे में अपने मुंह से किसी को कुछ ना बताएं।

5- सबके सामने अपना दुखड़ा कभी मत रोओ।

आचार्य चाणक्य ने कहा है की अपने दुख-दर्द दूसरों के साथ बांटने से हम खुद का नुकसान करते हैं। वो कहते हैं कि दूसरों के पास हमारे दुख, दर्द को समझने व ठीक से सुनने का समय नहीं होता. साथ ही दूसरे इस बात से खुश भी होते हैं की आपको किसी तरह का दुख है।

इस संसार में ऐसा हर कोई नही होता जो आपके दुख में सच में आपको सांत्वना दे। लोग पहले आपका दुख जानते हैं और फिर पीठ पीछे मजे लेते हैं। ऐसे में आपको अपनी दुख की स्थिति के बारे में उन्हीं लोगों से चर्चा करनी चाहिए जिन पर आपको विश्वास हो, जो आपके दुख को समझें, आपको सही सलाह दें और उसे किसी को ना बताएं।

6- मूर्ख व्यक्ति को कभी ज्ञान नहीं देना चाहिए।

Acharya Chanakya के अनुसार किसी मूर्ख व्यक्ति को ज्ञान देना अपना सर पत्थर में मारने के समान है। मूर्ख व्यक्ति को आप कितना ही ज्ञान दे दें वो उसका कभी सही उपयोग नहीं कर सकता। मूर्ख व्यक्ति ज्ञान की बातें को समझ नही पाते जिससे सिर्फ वाद विवाद ही बढ़ता है और साथ ही मूर्ख व्यक्ति को ज्ञान देने से समय की बरबादी होती है।

7- बुद्धिमान व्यक्ति को अपनी सोच वश में रखनी चाहिए।

चाणक्य नीति के अनुसार बुद्धिमान व्यक्ति को अपनी सोच इधर उधर की बातों और फालतू के कामों में नही लगानी चाहिए। इससे बुद्धि का ह्रास और अज्ञानता का प्रसार होता है। बुद्धिमान व्यक्ति को अपनी सोच हमेशा सही कामों और ज्ञान की बातों में लगानी चाहिए।

आशा करता हुं की Chanakya niti for motivation की ये 7 बातें आपके लिए उपयोगी हों और आप अपने जीवन में इन्हें फॉलो करें। ऐसे ही और भी मोटिवेशनल पोस्ट्स पढ़ने के लिए इस ब्लॉग से जुड़े रहें।

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