बोलने की सजा – Prernadayak Motivation Story Hindi For A Better Life

कम बोलो, लेकिन अच्छा बोलो; ये बात आपने अक्सर समझदार लोगों से ही सुनी होगी। ये बात बहुत हद तक सही भी है, कुछ लोग होते हैं जो बहुत बोलते हैं और बोलते भी ऐसा हैं की जो किसी मतलब का ही नहीं होता। ज्यादा बोलना कोई बुरी बात नहीं है लेकिन कब क्या बोलना है इसकी समझ होना बहुत जरूरी है।

कभी कभी हमारा या फिर किसी का भी बड़बोलापन उसके लिए मुसीबत बन जाता है। जब भी बोलो नाप तोल कर बोलो। आज की motivation story भी कुछ ऐसी ही है। इस छोटी सी प्रेरणादायक कहानी को पढ़कर आप समझेंगे की क्यों कभी कभी इंसान का चुप रहना ही उसके लिए सही होता है। हर जगह पर बोलना जरूरी नहीं है।

ये prernadayak hindi motivational kahani बहुत ही interesting और ज्ञानवर्धक है। इस प्रेरणादायक मोटिवेशनल स्टोरी को एक बार ही सही मगर ध्यान से पड़ें और इसकी सीख को समझने की कोशिश करें।

बोलने की सजा – Prernadayak Motivation Story Hindi

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बहुत समय पहले की बात है। एक राजा था। उस राजा के महल में बेटे ने जन्म लिया। राजकुमार के होने की खुशी में राजा ने पूरे राज्य में मिठाइयां बंटवाई और धूम धाम से उसका स्वागत किया। धीरे धीरे दिन गुजरते गए और राजकुमार की उम्र बढ़ने के साथ साथ उसका स्वभाव भी बदलने लगा। राजकुमार एक दम शांत और मौन रहने लगे।

वो ना ही किसी से ज्यादा बात करते और ना ही किसी से मिलते थे और सारा वक्त चुप ही रहते। राजा, राजकुमार के इस स्वभाव से काफी परेशान रहते थे। राजा सोचते थे की चुप रहने वाला राजकुमार प्रजा को कैसे संभाल पाएगा। राजा की चिंता दिन पर दिन बढ़ती जा रही थी।

उन्होंने दूर दूर से कई ज्योतिषों, वैद्यों और साधु महात्माओं को भी बुलाया और अपनी समस्या के बारे में बताया लेकिन कोई भी राजा की समस्या का समाधान नहीं कर पाया। कुछ संतों ने ये भी बोला की, “हो सकता है राजकुमार अपने पूर्व जन्म में कोई महान साधु या फिर महाज्ञानी व्यक्ति रहो हों, जिस वजह से इस जन्म में भी उनके संस्कार साधुओं और महाज्ञानियों की तरह मौन रहने वाले आ गए हैं।

राजा किसी की भी बातों से संतुष्ट नहीं हुवा और सोचने लगा की राजकुमार की चुप्पी कब टूटेगी। एक दिन राजकुमार महल के बाहर टहल रहे थे और साथ में उनका मंत्री भी था। उसी दौरान कुछ कौवे आए और पेड़ की डाल पर बैठ कर कांव कांव करने लगे। मंत्री को लगा की कौवों की कांव कांव से राजकुमार परेशान हो जाएंगे तो उसने कौवों को उड़ाने के लिए उनकी तरफ तीर दे मारा, मगर दुर्भाग्य से उसका तीर एक कौवे को लग गया और वो कौवा सीधा राजकुमार के सामने गिरा।

कौवे को देखकर राजकुमार बहुत भावुक हो गए और उसकी तरफ देख कर बोले, “यदि तुम आज कुछ बोलते नही तो यूं मारे नही जाते।”
मंत्री ने जैसे ही ये सुना तो वो बहुत खुश हो गया और खुशी से चिल्लाता हुवा सीधा राजा के पास गया और उन्हें सब कुछ बता दिया। राजा भी खुश हो गया क्योंकि राजकुमार बोलने लगे थे और उसी खुशी में उसने मंत्री बहुत सारे सोने के सिक्के दे दिए।

उस घटना के बाद बहुत दिन बीत गए लेकिन राजकुमार ने फिर से चुप्पी साध ली और वो फिर पहले जैसे ही मौन रहने लगे। राजा को लगा की मंत्री ने उससे झूठ बोला और उसने उस मंत्री को फांसी पर लटकाने की सजा दे दी।

मौत की सजा सुनते ही वो मंत्री दौड़ता हुआ राजकुमार के कक्ष में गया और उनसे बोला, “राजकुमार उस दिन एक मरे हुवे कौवे को देखकर तो आप बोले थे लेकिन अब आप क्यों नही बोल रहे हैं। आपकी इस चुप्पी की वजह से आज में भी अपना जीवन खो दूंगा।”

मंत्री की बात सुनकर राजकुमार बोले, “अगर उस दिन तुम भी कुछ नही बोले होते, तो आज तुम्हें फांसी की सजा नही मिलती। कभी कभी चुप रहना ही हमारी समस्या का समाधान होता है।”

सीख जो हमे इस प्रेरणादायक मोटिवेशनल स्टोरी से मिलती है –

वैसे तो बोलना बहुत जरूरी होता है क्योंकि हर बार चुप रहने से काम नहीं चलता लेकिन हमें ये बात भी अच्छी तरह मालूम होनी चाहिए की कब, कहां, कितना बोलना है। कई बार हम जरूरत से ज्यादा बोल जाते हैं और वही चीज हमारे लिए मुसीबत खड़ी कर देती है।

इसलिए जब भी बोलें, अच्छा बोलें और उतना ही बोलें जितनी जरूरत है और अगर ये आपसे नही हो पाता तो मौन ही रहो। झूठ बोलना और बेमतलब की बातें करना मुसीबत को गले लगाने जैसा ही है। आपने कई लोग ऐसे देखे होंगे जो बहुत बोलते हैं और कड़वा बोलते हैं, ऐसे लोग अक्सर किसी ना किसी से वाद विवाद में उलझते ही रहते हैं और कभी तो बात हाथापाई तक पहुंच जाती है।

कई बार जरूरत से ज्यादा बोलना विवाद का मुख्य कारण भी बन जाता है। जिस तरह बातों से समस्या का समाधान भी हो जाता है उसी तरह बातों से कभी कभी समस्या भी खड़ी हो जाती है। इसलिए जिंदगी में कम बोले लेकिन अच्छा बोले। फालतू की बहस में ना पड़ें। और याद रखें की आपकी एक चुप्पी कई परेशानियों को मिटा भी सकती है।

आई होप आपको ये prernadayak motivation story hindi पसंद आई हो और इस स्टोरी फॉर मोटिवेशन से आपको प्रेरणादायक सीख मिली हो। ऐसी ही और कहानियां पढ़ने के लिए इस ब्लॉग से जुड़े है। स्टोरी को अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें।

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